बहराइच: मेडिकल कॉलेज परिसर में बनी 10 अवैध मजारें प्रशासन ने गिराईं, 24 साल पुराने आदेश पर हुई कार्रवाई

Jay Prakash
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बहराइच जिले के महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित दस अवैध मजारों को सोमवार को जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई करीब 24 वर्ष पुराने एक प्रशासनिक आदेश के अनुपालन में की गई है, जिसे बाद में उच्च अधिकारियों ने भी सही ठहराया था।
प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट द्वारा इन दस मजारों को अवैध घोषित करते हुए हटाने का आदेश पारित किया गया था। आदेश के विरुद्ध मजारों का संचालन करने वाले पक्ष ने मंडलायुक्त के समक्ष अपील दायर की थी, लेकिन 2019 में कमिश्नर ने भी नगर मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद अब यह कार्रवाई अमल में लाई गई।
दो मजारें वक्फ बोर्ड में पंजीकृत, बाकी अवैध रूप से की गई थीं स्थापित
महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज से सटे जिलाधिकारी कार्यालय के समीप स्थित रसूल शाह बासवाड़ी का अस्ताना सदियों पुराना बताया जाता है। इस परिसर में प्रारंभ में केवल दो मजारें थीं, जो वक्फ बोर्ड में विधिवत पंजीकृत हैं।
हालांकि, बाद के वर्षों में इनकी देखरेख करने वाले लोगों द्वारा करीब दस अतिरिक्त छोटी मजारें बिना किसी वैधानिक अनुमति के स्थापित कर दी गईं।
2002 से चला आ रहा था कानूनी विवाद
वर्ष 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने जांच के बाद इन अतिरिक्त मजारों को अवैध निर्माण मानते हुए हटाने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ गठित कमेटी ने पहले जिलाधिकारी के यहां अपील की, जिसे 2004 में खारिज कर दिया गया।
इसके बाद मामला मंडलायुक्त के समक्ष पहुंचा, जहां लगभग 15 वर्षों की लंबी प्रक्रिया के बाद 2019 में अपील को निरस्त कर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद परिसर में आईं मजारें
साल 2023 में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के बाद ये मजारें उसके आधिकारिक परिसर का हिस्सा बन गईं। संबंधित कमेटी ने पहले प्रशासन से इन्हें स्वयं हटाने का अनुरोध भी किया था।
नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद के अनुसार, 10 जनवरी को अवैध दस मजारों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिसमें 17 जनवरी तक का समय दिया गया।
तय समय पर न हटाने पर बुलडोजर कार्रवाई
निर्धारित समय सीमा तक मजारें न हटाए जाने के चलते सोमवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इस दौरान बुलडोजर चलाकर दस अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड में दर्ज दो वैध मजारों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया, केवल अवैध रूप से निर्मित संरचनाओं को हटाया गया है।

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Jay Prakash : जयप्रकाश एक समर्पित और जिम्मेदार पत्रकार हैं, जिन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, उत्तराखंड से पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर डिग्री) की पढ़ाई की है। शैक्षणिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के संतुलन के साथ वे पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। समाज, सत्य और जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर विश्लेषणात्मक लेखन तक, वे खबरों को सरल, सटीक और प्रभावशाली शब्दों में पाठकों तक पहुँचाने में विश्वास रखते हैं। सूचना को जिम्मेदारी के साथ समाज तक पहुँचाना और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखना ही उनका मूल उद्देश्य है।
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