बहराइच, 16 जनवरी।
जनपद बहराइच में किशोरियों के समग्र विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार तथा मिलान संस्था के संयुक्त प्रयास से गुरुवार को विकास भवन सभागार में एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (ICDS) के अंतर्गत “किशोरी जीवन कौशल एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम” का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले की किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आत्मविश्वास, जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
आकांक्षात्मक जिला कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित हो रही पहल
यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भारत सरकार के आकांक्षात्मक जिला कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित जिलों में संचालित किया जा रहा है, जिनमें बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर शामिल हैं। कार्यक्रम के तहत 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों की नियमित सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे वे शिक्षा से जुड़ी रहें और सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
किशोरियों में निवेश से होगा समाज का सतत विकास
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने कहा कि
“किशोरियों में निवेश समाज के सतत विकास की सबसे मजबूत नींव है। जब लड़कियाँ शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समुदाय पर पड़ता है। इससे मानव विकास सूचकांकों में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।”
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। गांव-गांव में किशोरियों के छोटे, सुरक्षित और संवादात्मक समूह बनाए जाएंगे, जहाँ उन्हें पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
आंगनवाड़ी केंद्र होंगे कार्यक्रम की रीढ़
सीडीओ ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य कोई नई व्यवस्था खड़ी करना नहीं, बल्कि पहले से संचालित योजनाओं और तंत्र को और अधिक सशक्त बनाना है।
इसके अंतर्गत:
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा
महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, मिशन शक्ति जैसे विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे
कार्यक्रम की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी
बाल विवाह रोकथाम और शिक्षा में निरंतरता पर विशेष जोर
कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के प्रमुख फोकस क्षेत्र होंगे:
किशोरियों की शिक्षा में निरंतरता
स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता
जीवन कौशल एवं नेतृत्व क्षमता का विकास
बाल विवाह की रोकथाम
किशोरियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना
उन्होंने कन्या सुमंगला योजना, पोषण योजनाओं एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं से पात्र किशोरियों को जोड़ने पर विशेष बल दिया।
तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है मिलान संस्था
मिलान संस्था की कंट्री डायरेक्टर स्वाहा साहू ने बताया कि संस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। इसमें:
कार्यक्रम की डिज़ाइनिंग
फील्ड स्तर पर क्षमता निर्माण
प्रभावी मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन शामिल है
वहीं एसोसिएट डायरेक्टर जावेद अब्बास ने कार्यक्रम की रणनीति, लक्ष्य और जमीनी स्तर पर इसके संभावित प्रभाव की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, आईसीडीएस कर्मी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, मिशन शक्ति से जुड़े अधिकारी तथा मिलान संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर किशोरियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस पहल को मील का पत्थर बताया।
