
बलरामपुर।
नगर क्षेत्र को सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं यातायात के लिए सुगम बनाने की दिशा में आदर्श नगर पालिका परिषद द्वारा एक सख्त लेकिन जनसहयोग आधारित नीति अपनाई गई है। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पूर्व 48 घंटे पहले चिन्हांकन की प्रक्रिया लागू की गई है, जिससे आम नागरिकों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर मिल सके।
इस जनहितकारी पहल का सकारात्मक और उत्साहजनक प्रभाव नगर क्षेत्र में देखने को मिला है। विशेष रूप से चिक मंडी क्षेत्र में लोगों ने जागरूकता का परिचय देते हुए पालिका अध्यक्ष के अनुरोध पर लगभग 70 प्रतिशत अतिक्रमण स्वयं ही हटा लिया, जिससे न केवल प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता कम हुई बल्कि क्षेत्र में आवागमन भी सुचारु हुआ और स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डी.पी. सिंह बैस ने जानकारी देते हुए बताया कि अतिक्रमण चिन्हांकन एवं हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं जनभावनाओं के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से एक विशेष समिति का गठन किया गया है। इस समिति में
राकेश कुमार (कर निरीक्षक), दिवाकर पाण्डेय (सफाई निरीक्षक), धर्मेन्द्र गौड़ (जेई जल) एवं अवनीश यादव (जेई सिविल) को नामित किया गया है।
उन्होंने बताया कि समिति द्वारा नगर क्षेत्र में अतिक्रमण का चिन्हांकन किया जाएगा। चिन्हांकन के उपरांत संबंधित व्यक्ति को 48 घंटे की समय-सीमा दी जाएगी। यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया जाता है, तो नगर पालिका प्रशासन द्वारा नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं यातायात के लिए सुगम बनाना पालिका प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और नियमों का पालन करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका की इस पहल को आमजन का सहयोग मिलना यह दर्शाता है कि यदि प्रशासन संवेदनशील और संवादपूर्ण नीति अपनाए, तो जनभागीदारी से बड़े बदलाव संभव हैं।
