
दिनांक 27 दिसम्बर, 2025 को शहर के अग्रेंजी माध्यम विद्यालय पाॅयनियर पब्लिक स्कूल एण्ड काॅलेज, बलरामपुर में ‘‘गुरू गोविन्द सिंह जयंती‘‘ मनायी गयी। सर्वप्रथम विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा0 एम0पी0 तिवारी उप प्रधानाचार्या/उप प्रधानाचार्य शिखा पाण्डेय व राघवेन्द्र त्रिपाठी नें गुरू गोबिंद सिंह के चित्र पर माल्यापर्ण करके द्धीप प्रज्जवलित किया। तत्पश्चात विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक ने गुरू गोविन्द सिंह के जीवन परिचय एवं उनके आर्दशों के बारे में छात्र एवं छात्राओं को अवगत कराया कि सिख्खों के दशम गुरू श्री गोविन्द सिंह जी की जंयती को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। सिखों के गुरू गोबिंद सिंह जी ने साल 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी।
यह सिखों के इतिहास की सबसे अहम घटना मानी जाती है। गुरू गोबिंद सिंह ने ही गुरू परंपरा को समाप्त करते हुए गुरू ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरू घोषित किया था। गुरू गोबिन्द साहिब ने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा करते हुए सच्चाई की राह पर चलते हुए ही बिताया। गुरू गोबिंद सिंह जी ने गुरू प्रथा को समाप्त किया और गुरू ग्रंथ साहिब को सर्वोच्च बताया जिसके बाद से ही ग्रंथ साहिब की पूजा की जाने लगी और गुरू प्रथा खत्म हो गई, ये सिख समाज में काफी बड़ा पड़ाव माना जाता है। साथ ही गोविंद सिंह जी ने खालसा वाणी- ‘‘वाहेगुरू जी का खालसा, वाहेगुरू की फतह‘‘ का मंत्र भी दिया। खालसा पंथ की रक्षा के लिए गुरू गोबिंद सिंह जी मुगलों और उन सहयोगियों से कई बार संघर्ष किया। केवल 9 साल की उम्र में दुनिया के सबसे ताकतवर समुदायों में से एकता की कमान संभालने वाले गुरू गोबिुंद सिंह केवल वीर ही नहीं थे, बल्कि वे भाषाओं के जानकार और अच्छे लेखक तथा कवि भी थे। उन्हें संस्कृत, फारसी, पंजाबी और अरबी भाषाओं का ज्ञान था। उन्होनें कई ग्रंथों की रचना की, जो सिंख समुदाय में आज भी चाव से पढ़े जाते है।
‘‘गुरू गोविन्द सिंह जयंती‘‘ इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें आराध्या पाण्डेय, श्रेयसी तिवारी, सुभिक्षा मिश्रा, श्रेया श्रीवास्तव, मरियम आबदीन एवं श्रृृष्टि श्रीवास्तव नें प्रतिभाग किया।
‘‘गुरू गोविन्द सिंह जयंती‘‘ के अवसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्या/उप प्रधानाचार्य शिखा पाण्डेय राघवेन्द्र त्रिपाठी, उर्वशी शुक्ला, अशोक कुमार शुक्ला, ए0के0 तिवारी, टी0एन0 शुक्ल, पूनम चैहान, राजमणि, लता श्रीवास्तव, किरन मिश्रा, नीलम श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव, कपिल निषाद, विश्वनाथ तिवारी, राजीव श्रीवास्तव एवं मनोज शुक्ला आदि उपस्थित होकर ‘‘गुरू गोविन्द सिंह जयंती‘‘ को मनाया गया।
