योगी सरकार का दावा – प्रदेश में उर्वरक की कहीं कमी नहीं।

Jay Prakash
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कालाबाजारी पर सरकार सख्त, किसानों से अपील – “भंडारण न करें, जब चाहें आवश्यकतानुसार लें खाद”

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने खरीफ सत्र 2025 के बीच किसानों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश में कहीं भी खाद की दिक्कत या कमी नहीं है। सरकार का कहना है कि सभी मंडलों और जनपदों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की है कि वे खाद का अनावश्यक भंडारण न करें और आवश्यकता अनुसार ही खाद खरीदें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर जिले में खाद की उपलब्धता और बिक्री की निरंतर मॉनीटरिंग की जाए, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए और किसानों से लगातार संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में किसानों को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

खरीफ सत्र 2025 में उर्वरक बिक्रीकृषि विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से 18 अगस्त 2025 तक प्रदेश में 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई है। वर्ष 2024 में इसी अवधि में 36.76 लाख मीट्रिक टन खाद बिकी थी। यानी इस वर्ष अब तक 5.88 लाख मीट्रिक टन अधिक उर्वरक किसानों को उपलब्ध कराया गया।

उपलब्धता:यूरिया: 6,08,049 मी.टन, डीएपी: 3,87,003 मी.टन एनपीके: 3,00,693 मी.टन ।

मुख्यमंत्री का किसानों के नाम संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा—“प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है, किसान चिंता न करें।”“भंडारण की आवश्यकता नहीं है, जब-जब जरूरत हो उतनी ही खाद लें।”“हर जिले में शिकायत प्रकोष्ठ मौजूद है, परेशानी की स्थिति में तुरंत संपर्क करें।”“ओवररेटिंग और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।” कुल मिलाकर, सरकार का संदेश साफ है कि प्रदेश में खाद की कमी नहीं है, बल्कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार वितरण और बिक्री दोनों बढ़ी है। किसानों को आश्वस्त किया गया है कि खरीफ सत्र 2025 में खाद की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी।

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Jay Prakash : जयप्रकाश एक समर्पित और जिम्मेदार पत्रकार हैं, जिन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, उत्तराखंड से पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर डिग्री) की पढ़ाई की है। शैक्षणिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के संतुलन के साथ वे पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। समाज, सत्य और जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर विश्लेषणात्मक लेखन तक, वे खबरों को सरल, सटीक और प्रभावशाली शब्दों में पाठकों तक पहुँचाने में विश्वास रखते हैं। सूचना को जिम्मेदारी के साथ समाज तक पहुँचाना और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखना ही उनका मूल उद्देश्य है।
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