हरिद्वार तराई क्षेत्र में सीजन की पहली ओलावृष्टि, 10 मिनट में बर्फ की चादर से ढकी सड़कें, किसानों की बढ़ी चिंता

Jay Prakash
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हरिद्वार न्यूज | Haridwar Weather Update Today
हरिद्वार जनपद के तराई क्षेत्र में मंगलवार 27 जनवरी 2026 की शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली। करीब रात 9:00 बजे शुरू हुई तेज ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को चौंका दिया। महज 10 मिनट तक चली इस ओलावृष्टि के दौरान सड़कें, खेत, मकानों की छतें और खुले मैदान बर्फ जैसी सफेदी से ढक गए, जिससे जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह प्रभावित रहा।

रात 9 बजे अचानक शुरू हुई ओलावृष्टि, हर तरफ दिखी सफेदी

स्थानीय लोगों के अनुसार, तराई क्षेत्र में यह इस सीजन की पहली बारिश थी, लेकिन यह सामान्य बारिश न होकर पूरी तरह ओलों और बर्फनुमा कणों के रूप में हुई। ओलों का आकार और घनत्व इतना अधिक था कि कई स्थानों पर एक से तीन इंच तक मोटी परत जम गई। हैरानी की बात यह रही कि पानी के रूप में वर्षा बेहद कम हुई, जिस कारण लोग इसे “सूखी ओलावृष्टि” बता रहे हैं।

काली सड़कें बनीं सफेद, कुछ देर के लिए थमा जनजीवन

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही पलों में काली सड़कें बर्फीली सफेदी में तब्दील हो गईं। रात के समय अचानक बदले मौसम से लोग घबरा गए। कई जगहों पर वाहन चालकों को गाड़ियां रोकनी पड़ीं, जबकि कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित रहा।

तराई क्षेत्र में असामान्य मानी जा रही इस तरह की ओलावृष्टि

जनवरी माह में पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी सामान्य मानी जाती है, लेकिन तराई जैसे मैदानी क्षेत्र में रात के समय इस प्रकार की ओलावृष्टि असामान्य मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञ इसे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं।

रबी फसलों पर खतरा, किसानों की चिंता बढ़ी

इस ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सीधा असर रबी फसलों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से सरसों, गेहूं और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि ओलों की मार से खेतों में खड़ी फसल झुक गई और टूट गई है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

मौसम का रुख बना रहा तो बढ़ सकता है नुकसान

किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम का यही मिजाज रहा, तो फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है। पहले से ही मौसम की मार झेल रहे अन्नदाता अब आने वाले दिनों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

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Jay Prakash : जयप्रकाश एक समर्पित और जिम्मेदार पत्रकार हैं, जिन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, उत्तराखंड से पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर डिग्री) की पढ़ाई की है। शैक्षणिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के संतुलन के साथ वे पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। समाज, सत्य और जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर विश्लेषणात्मक लेखन तक, वे खबरों को सरल, सटीक और प्रभावशाली शब्दों में पाठकों तक पहुँचाने में विश्वास रखते हैं। सूचना को जिम्मेदारी के साथ समाज तक पहुँचाना और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखना ही उनका मूल उद्देश्य है।
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