19 से 23 जनवरी 2026 तक देश-विदेश के कार्यकर्ताओं की गोष्ठी होगी। जिसमें 40 हजार से अधिक की संख्या में हरिद्वार के वैरागी द्वीप में ठहरने की उम्दा व्यवस्था बनाई गई है, यह द्वीप 03 महीने पहले तक झाड़-झंखाड़ से भरा हुआ था गंगा की तलहटी में गायत्री परिवार के स्वयंसेवकों ने अपने पसीने से मिट्टी को सोना बना दिया।
इसी भूमि पर कार्यकर्ता सम्मेलन होना है, शताब्दी वर्ष का यह पहला चरण है, यहां कार्यकर्ताओं के ठहरने के लिए 09 नगर ऋषियों के नाम पर बसाये गये हैं। हर नगर में ठहरने के लिए आने वाले कार्यकर्ता अपने-अपने नगर में रुकेंगे। नगर में प्रवेश के लिए नौ द्वार बनाये गए हैं। बहुत ही खूबसूरत नगर बसाया गया है। गंगा की गोद में नदी की धारा के किनारे 30 लाख वर्गमीटर के परिक्षेत्र में जिस तरह से नगर को बसाया गया है वह प्रकृति के मनोरम को सहेजे हुए है। यहां के रास्ते, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, आपदा टीम, स्वास्थ्य टीम, अग्नि शमन टीम, डेटा के लिए स्पेशल नेटवर्क, आईटी टीम, मीडिया सेल, महिला सुरक्षा विभाग, महिला मण्डल, भोजनालय का उम्दा प्रबन्धन है।
पहले से बांटे गये जोन के अनुसार आने वाले कार्यकर्ताओं को यह निर्देशित किया जाता है कि कौन कहां ठहरेगा, हर नगर में चौड़े रास्ते बनाये गये हैं। वहां शौचालय की बेहतरीन व्यवस्था बनाई गई है, स्नान के लिए गर्म पानी और पीने के लिए भी जगह-जगह गर्म पानी की व्यवस्था दी गई है। रात्रि के समय ठण्डक बढ़ने की वजह से जगह-जगह प्रदूषण रहित अलाव की भी व्यवस्था है।
सुबह और शाम भोजनालय में चाय, नाश्ता और भोजन का उम्दा प्रबन्धन है। भोजनालय में एक साथ 10 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता आसानी से भोजन कर लेने की व्यवस्था बनाई गई है। भोजनालय में जो थाली और दोने का प्रयोग होता है वह पत्तों और केले के छिलके से बने होते हैं जो आसानी से रिसाइकिल हो जाता है। पूरे कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जगह-जगह कूड़ा स्टैण्ड (डस्टविन) लगाया गया है ताकि कचरा प्रबंधन अच्छे से हो इस कचरे से खाद बनाया जाता है जो पेड़ों और खेतों में डाला जाता है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं की टीम बनाकर हर टीम का एक टोली नायक जो कन्ट्रोल रूम से जुड़ा हुआ है। पूरे नगर में हर टेंट के अंदर मोबाइल चार्जिंग करने की भी व्यवस्था बनाई गई है।
ठण्डक का ध्यान रखते हुए बिछावन और रजाई की व्यवस्था है फिर भी कार्यकर्ताओं को निर्देशित है कि अपने घर से मौसम को देखते हुए कुछ गर्म कपड़े और ओढ़ने के लिए जरूर लायें।
आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए पंजीयन व्यवस्था है। हर किसी का फोटो और डेटा आईटी टीम के पास सुरक्षित होता है। कौन कहां ठहरा है यह भी जानकारी टीम को होती है। कार्यक्रम में संगोष्ठी के लिए तीन बड़े जर्मन हैंगर हैं, कई एलईडी लगाये गये हैं ताकि सभी को अच्छे से प्रसारण किया जा सके।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण केंद्र- कार्यक्रम स्थल पर एक बेहतरीन प्रदर्शनी बनाई गई है जिसमें अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा संचालित सभी क्रिया कलाप, गुरुदेव पंडित श्री राम शर्मा आचार्य जी की जीवनी और उनके विचारों को प्रदर्शित किया गया है।
इसी प्रांगण में परम वन्दनीया माता जी की रेत से जीवंत मूर्ति उड़ीसा के स्वयंसेवक सुजीत महंता, निशिकांत मेहेरा ने बनाया है। विदेश भवन के पास जमीन पर भारत का नक्शा, सजल श्रद्धा और प्रखर प्रज्ञा जैसे पवित्र क्षेत्र का साकार रूप,
कनाडा, न्यूजर्सी, केन्या, लन्दन, लांसएंजिल्स आदि देशों के कार्यकर्ता भी प्रतिभाग करेंगे।
स्वयंसेवकों ने विशाल पुस्तक मेला और देव संस्कृति विश्व विद्यालय द्वारा बनाई गई प्रदर्शनी,
साधना स्थली आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र।
कार्यक्रम में आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए कौन से नगर में किसको जाना है उसकी सूची इस प्रकार है-
1-पूर्वी जोन के लोग बिहार, झारखंड और उड़ीसा से आते हैं जो ऋषि चरक नगर में ठहरेंगे।
2- पूर्वाेत्तर जोन में असम, अरुणाचल, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैण्ड, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, भूटान, छतीसगढ़, महाराष्ट्र और गोवा के लोग ऋषि भगीरथ नगर में ठहरेंगे,
3- राजस्थान के लोग ऋषि परशुराम नगर में ठहरेंगे।
4- उत्तर जोन में उत्तर प्रदेश, छब्त् में दिल्ली, गौतम बुद्ध नगर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, के लोग ऋषि जमदग्नि नगर में ठहरेंगे।
5- पश्चिमोत्तर जोन में उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमांचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के लोग याज्ञवल्क्य नगर में ठहरेंगे।
6- गुजरात, दमन दीव, दादर नगर हवेली के लोग ऋषि कश्यप नगर में ठहरेंगे।
7- मध्य जोन में मध्यप्रदेश के लोग ऋषि विश्वामित्र नगर में ठहरेंगे।
8- दक्षिण जोन में आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, लक्ष्यद्वीप, मिनिकॉय, पांडुचेरी, अण्डमान निकोबार द्वीप समूह के लोग आश्रम/ऋषि वाल्मीकि में ठहरेंगे।
9- नेपाल जोन में नेपाल राष्ट्र आता है जो आश्रम/ ऋषि वाल्मीकि नगर में ठहरेंगे।
भुवनेश्वर वर्मा
