ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में ‘धर्म रक्षक धामी : सनातन का नया चेहरा’ पुस्तक का भव्य विमोचन ।

Jay Prakash
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हरिद्वार | 27 दिसंबर 2025

आज दिनांक 27 दिसंबर 2025 को ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के सभागार में एक गरिमामय और ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना। उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों पर आधारित पुस्तक “धर्म रक्षक धामी : सनातन का नया चेहरा” का भव्य विमोचन किया गया। इस पुस्तक की लेखिकाएँ डॉ. सोनाली एवं रीना मानसेरा हैं।

इस अवसर पर देश के प्रसिद्ध संत समाज, अखाड़ा परिषद के शीर्ष पदाधिकारी तथा कई वरिष्ठ राजनेताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। पुस्तक का विमोचन संयुक्त रूप से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, राज्यसभा सांसद श्रीमती कल्पना सैनी जी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविन्द्र पूरी जी महाराज, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर श्री कैलाशानंद महाराज जी, महामंडलेश्वर आचार्य श्री कैलाडानंद महाराज जी, पूज्य श्री शाश्वतानंद महाराज जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री यतीश्वरानंद जी महाराज, जगतगुरु महामंडलेश्वर श्री राजराजेश्वराश्रम जी, महामंडलेश्वर श्री ललितानंद जी, नैनीताल सांसद श्री अजय भट्ट जी, महामंडलेश्वर पूज्य श्री रूपेश प्रकाश जी सहित अन्य संतों, विद्वानों एवं आईआईटी रुड़की के प्रोफेसरों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर पूज्य श्री रूपेश प्रकाश जी ने पुस्तक के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस प्रकार उत्तराखंड की वास्तविक पहचान, संस्कृति और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं—चाहे वह लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई, मदरसा बोर्ड का उन्मूलन या अन्य निर्णायक कदम हों—वे अत्यंत प्रशंसनीय और साहसिक हैं। उन्होंने धामी जी को सच्चे अर्थों में “धर्म रक्षक” बताया।

नैनीताल सांसद श्री अजय भट्ट जी ने पुस्तक की सराहना करते हुए भावुक स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि कभी उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि “यह लड़का एक दिन बहुत बड़ा कार्य करेगा”, और आज वही पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यों से उस कथन को सच कर दिखा रहे हैं।

निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर श्री कैलाशानंद महाराज जी ने अपने उद्बोधन में रामचरितमानस का उदाहरण देते हुए कहा कि “धर्म एक ही है—सनातन—बाकी सब पंथ हैं।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी द्वारा किए जा रहे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य यह सिद्ध करते हैं कि वे वास्तव में धर्म और संस्कृति के रक्षक हैं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविन्द्र पूरी जी महाराज ने उत्तराखंड की टनल में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री धामी हर व्यक्ति को अपने भाई के समान मानते हैं। उन्होंने लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद और नकल जिहाद के विरुद्ध बनाए गए कड़े कानूनों की सराहना करते हुए धामी जी को निडर और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने अपने सहज और हंसमुख अंदाज में भावनात्मक बात कही। उन्होंने कहा, “कभी मैंने जो बीज बोया था, आज उसे उत्तराखंड के सबसे चर्चित और कर्मठ मुख्यमंत्री के रूप में फलते-फूलते देखकर मन गदगद हो गया है।” उनके शब्दों ने सभागार को तालियों की गूंज से भर दिया।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं था, बल्कि उत्तराखंड के नेतृत्व, सनातन संस्कृति और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के कार्यों के प्रति संत समाज और जनप्रतिनिधियों के विश्वास और समर्थन का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।
पुस्तक “धर्म रक्षक धामी : स्नातक का नया चेहरा” निस्संदेह उत्तराखंड की राजनीति और सांस्कृतिक चेतना पर एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में देखी जा रही है।

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Jay Prakash : जयप्रकाश एक समर्पित और जिम्मेदार पत्रकार हैं, जिन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, उत्तराखंड से पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर डिग्री) की पढ़ाई की है। शैक्षणिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के संतुलन के साथ वे पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। समाज, सत्य और जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर विश्लेषणात्मक लेखन तक, वे खबरों को सरल, सटीक और प्रभावशाली शब्दों में पाठकों तक पहुँचाने में विश्वास रखते हैं। सूचना को जिम्मेदारी के साथ समाज तक पहुँचाना और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखना ही उनका मूल उद्देश्य है।
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