हरिद्वार में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रोड़ीबेल वाला क्षेत्र में बुलडोजर कार्रवाई के बीच शराब का बड़ा जखीरा बरामद होने से हड़कंप मच गया।
नगर निगम की टीम जब अवैध अतिक्रमण हटाने में जुटी थी, उसी दौरान एक झोपड़ीनुमा संरचना के अंदर रखा संदूक मिला। अधिकारियों ने जब संदूक खोला, तो उसमें भारी मात्रा में शराब की बोतलें पाई गईं, जिसे देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए।
गौरतलब है कि इससे पहले ऋषिकुल क्षेत्र में भी इसी तरह अतिक्रमण अभियान के दौरान शराब की खेप बरामद की जा चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोड़ीबेल वाला समेत कई इलाकों में अवैध शराब तस्करी लंबे समय से चल रही है।
धार्मिक नगरी हरिद्वार को ड्राई एरिया घोषित किया गया है, जहां मांस और मदिरा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद तस्कर चोरी-छिपे यात्रियों और स्थानीय लोगों को शराब बेच रहे हैं, जिससे प्रशासन की सख्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जाता है कि हर की पैड़ी और मालवीय घाट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास भी कई बार अवैध शराब पकड़ी जा चुकी है। पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती है, लेकिन यह अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा।
सबसे गंभीर बात यह है कि जहां से शराब बरामद हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर सीसीआर टॉवर स्थित है, जहां कुंभ मेला प्रशासन और अन्य अधिकारी मौजूद रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए धार्मिक नगरी की पवित्रता बनाए रखने की अपील की है।
इस मामले में सीओ सिटी एसएस नेगी ने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और उनके नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास जारी हैं।
